Coronavirus Pandemic

Coronavirus Pandemic: विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) के महानिदेशक ट्रेडोस अधानोम घेब्रेसस (Tredos Adhanom Ghebreyesus) ने कहा है कि वह बच्चों को स्कूल जाते हुए और लोगों को काम पर लौटते हुए देखना चाहते हैं। लेकिनकचरा बात कर रहे इलेक्ट्रॉनिक डार्टबोर्ड, अभी किसी भी देश को इस तरह से व्यवहार नहीं करना चाहिए कि उनके यहां से  कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) खत्म हो चुकी है। (Reopening Schools and Offices during Coronavirsu)  समाचार एजेंसी सिन्हुआ की  रिपोर्ट के अनुसारकचरा बात कर रहे इलेक्ट्रॉनिक डार्टबोर्ड, सोमवार को जेनेवा में एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ट्रेडोस ने कहा किकचरा बात कर रहे इलेक्ट्रॉनिक डार्टबोर्ड, यदि  कोई देश स्थितियों को सामान्य करने की दिशा में वाकई काम करने को लेकरगंभीर हैकचरा बात कर रहे इलेक्ट्रॉनिक डार्टबोर्ड, तो सबसे पहले उसे वायरस के प्रसार पर रोक लगाने और लोगों का जीवन बचाने की दिशा में काम करना होगा। Also Read - भारत की डॉ. रेड्डीज़ लैब को मिलेगी कोविड-19 वैक्सीन 'स्पुतनिक' की 10 करोड़ खुराकेंकचरा बात कर रहे इलेक्ट्रॉनिक डार्टबोर्ड, कम्पनी देश में उपलब्ध कराएगी ये टीके

कोरोनावायरस महामारी के दौरान स्कूल और दफ्तरों को खोलने से जुड़ी बात पर ट्रेडोस ने कहा, “बिना किसी नियंत्रण के चीजों को खोलना तबाही को आमंत्रित करने जैसा है।” Also Read - दुनियाभर में केवल 10 प्रतिशत युवाओं को ही हुआ कोविड संक्रमण, साइमन इलेक्ट्रॉनिक खेल कहते हैं WHO ने बताया 20 वर्ष से कम उम्र वाले महामारी से अब तक सुरक्षित

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने महामारी कंट्रोल के लिए दिए ये सुझाव

अपने संबोधन में उन्होंने 4 ऐसी महत्वपूर्ण चीजों पर ज़ोर दिया जिनसे जुड़े सुरक्षा नियम फॉलो करने की आवश्यकता है। ट्रेडोस ने गाइडलाइन्स ज़ारी करते हुए कहा- Also Read - भारत में ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की कोविड वैक्सीन का ट्रायल फिर से शुरू, DCGI ने दी अनुमति

बड़े पैमाने पर आयोजित किए जाने वाले समारोहों पर रोक लोगों द्वारा अपनी जिम्मेदारी को निभाया जाना संक्रामक व्यक्ति का पता लगाने के लिए सरकार द्वारा उचित कदम उठाना, उन्हें ढूंढ़कर आइसोलेट करना, जांच करना, देखभाल करना साथ ही किसी संदिग्ध व्यक्ति के संक्रमित होने की दिशा में नजर रखना। 90 फीसदी देशों में नहीं मिल रही लोगों को आवश्यक मेडिकल हेल्प:

WHO द्वारा 100 से अधिक देशों में एक सर्वेक्षण भी किया गया। जिसमें से 90 फीसदी राष्ट्रों में देखा गया कि इस महामारी के दौरान वहां के लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं में व्यवधान का अनुभव किया है।  सम्मेलन में  इस सर्वे के परिणामों पर चर्चा करते हुए ट्रेडोस ने कहा कि इस सर्वे के अनुसार, कम और मध्यम आय स्तर वाले देशों के लोग इससे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।ड

ट्रेडोस ने कहा,कचरा बात कर रहे इलेक्ट्रॉनिक डार्टबोर्ड “सर्वेक्षण से पता चलता है कि आवश्यक सेवाओं के लिए 70 प्रतिशत तक सेवाएं बाधित हुई हैं जिनमें नियमित टीकाकरण, गैर-संचारी रोगों के लिए उपचार, परिवार नियोजन और गर्भनिरोधक, मानसिक स्वास्थ्य विकारों का निदान और कैंसर इत्यादि शामिल रहे हैं।”

संबोधन में आगे जानकारी देते हुए महानिदेशक ने कहा, “हालांकि, केवल 14 प्रतिशत देश ही ऐसे रहे हैं जहां उपयोगकर्ता शुल्क या यूजर फीस में छूट दी गई, जिसके लिए संगठन पहले ही सुझाव दे चुका है। इस छूट के माध्यम सेलोगों को आर्थिक रूप से हो रहे नुकसान की भरपाई हो सकेगी ।” सत्र के दौरान ट्रेडोस ने यह बताया कि WHO देशों के साथ मिलकर उन्हें अपना सहयोग देना जारी रखेगा ताकि वे अपने यहां आवश्यक सेवाएं बरकरार रख सकें।

Published : September 1, 2020 11:24 am | Updated:September 1, 2020 11:38 am Read Disclaimer Comments - Join the Discussion जापानी इंसेफेलाइटिस जल्द ही उत्तर प्रदेश से हो जाएगा खत्म , मुख्यमंत्री योगी का बयान, जानें इस बीमारी के कारण और लक्षणजापानी इंसेफेलाइटिस जल्द ही उत्तर प्रदेश से हो जाएगा खत्म , मुख्यमंत्री योगी का बयान, जानें इस बीमारी के कारण और लक्षण जापानी इंसेफेलाइटिस जल्द ही उत्तर प्रदेश से हो जाएगा खत्म , मुख्यमंत्री योगी का बयान, जानें इस बीमारी के कारण और लक्षण कोरोनावायरस खत्म होने के बाद दुनियाभर में कम हो सकती है फर्टिलिटी : वैज्ञानिकों का दावाकोरोनावायरस खत्म होने के बाद दुनियाभर में कम हो सकती है फर्टिलिटी : वैज्ञानिकों का दावा कोरोनावायरस खत्म होने के बाद दुनियाभर में कम हो सकती है फर्टिलिटी : वैज्ञानिकों का दावा ,,

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