causes-of-spreading-coronavirus-through toilet pipeline in hindi क्या टॉयलेट पाइप से घरों में पहुंच सकता है कोरोना? शोध में हुआ यह चौंकाने वाला खुलासा।

Corona Transmission: आज से चार-पांच महीने पहले शोधकर्ताओं ने नोवेल कोरोनवायरस के बारे में जो बातें कहीं थीं या जो सोचा था, उसके कहीं अधिक शक्तिशाली अब कोरोनावायरस होता जा रहा है। शुरुआत मे यह माना जाता था कि जब कोरोना से संक्रमित व्यक्ति छींकता, खांसता या बोलता है, तो उस दौरान निकलने वाले रेस्पिरेटरी बूंदों (respiratory droplets) के माध्यम से फैलता है। बाद में वैज्ञानिकों ने पाया कि ये घातक वायरस एयरबॉर्न (Airborne) है और एरोसोल (Aerosols) नामक छोटी बूंदों में मौजूद होता है और हवा के माध्यम से प्रसारित होता है। अबकचरा बात कर रहे इलेक्ट्रॉनिक डार्टबोर्ड, चीनी शोधकर्ताओं ने एक और चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने कहा है कि सार्स-सीओवी-2 (SARS-CoV-2)कचरा बात कर रहे इलेक्ट्रॉनिक डार्टबोर्ड, घरों के टॉयलेट पाइप के माध्यम से भी फैल (corona transmission in hindi) सकता है। Also Read - स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहाकचरा बात कर रहे इलेक्ट्रॉनिक डार्टबोर्ड, कोविड रोगियों के लिए मेडिकल ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं

क्या टॉयलेट पाइप से घरों में पहुंच सकता है कोरोना?

चीन के ग्वांगझू (Guangzhouकचरा बात कर रहे इलेक्ट्रॉनिक डार्टबोर्ड, China) में एक खाली अपार्टमेंट के बाथरूम में कोरोनोवायरस के निशान पाए जाने के बाद शोधकर्ताओं ने यह दावा किया है। इस चौंका देने वाले खोज ने यह संकेत दिया है कि वायरस छोटे-छोटे हवा के कणों (airborne particles) के जरिए नाली के पाइप से हवा के जरिए ऊपर पहुंचाकचरा बात कर रहे इलेक्ट्रॉनिक डार्टबोर्ड, क्योंकि जब आप टॉयलेट फ्लश करते हैं, तो हवा के दबाव बनने के कारण कोरोनावायरस ऊपर आया होगा। यह 17 साल पहले हांगकांग में हुए सार्स (SARS) के प्रकोप की याद ताजा करता है। गौरतलब है कि शुरू से ही कई शोधकर्ता पता लगाने की कोशिश कर रहे थे कि क्या वाकई बाथरूम या टॉयलेट के पाइप के जरिए कोरोना फैल (coronavirus transmission) सकता है। Also Read - Covid-19 Live Updates: भारत में कोरोना के मरीजों की संख्या हुई 49, पहला पोर्टेबल गेम सिस्टम30,236, अब तक 80,776 लोगों की मौत

सिंक, नल और शावर के हैंडल पर भी पाया गया वायरस 

SARS-CoV-2 के निशान फरवरी में एक लंबे समय से खाली पड़े अपार्टमेंट के सिंक, नल और शावर के हैंडल पर भी पाए गए थे। इस घर के नीचे पांच लोगों का घर था और इन सभी ने एक सप्ताह पहले ही अपना कोविड-19 (COVID-19) टेस्ट करवाया था, जिसमें ये पॉजिटिव पाए गए थे। चाइनीज सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के शोधकर्ताओं ने इस महीने की शुरुआत में इन्वायरमेंट इंटरनेशनल में प्रकाशित एक चौंकाने वाली खोज की जानकारी दी। उन्होंने बाथरूम में सार्स-सीओवी-2 से भरे एरोसोल (छोटे एयरबॉर्न पार्टिकल्स) पाया,कचरा बात कर रहे इलेक्ट्रॉनिक डार्टबोर्ड जो COVID-19 के खतरे को 10 से 12 लेवल अधिक बढ़ाने के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। शोधकर्ताओं ने सुझाव दिया कि कोविड-19 रोगियों के मल (Stool) में मौजुद वायरस प्लंबिंग के जरिए इन घरों में जा सकता है। Also Read - केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, कोरोनावायरस से लड़ाई अभी जारी रहेगी

शोधकर्ताओं ने 2003 में हांगकांग में हुए अमॉय गार्डन सार्स प्रकोप के साथ इस घटना की तुलना की। अमोय गार्डन प्राइवेट हाउसिंग एस्टेट में रहने वाले 329 निवासी एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (acute respiratory syndrome) या सार्स (SARS) से पीड़ित हुए थे। तब फॉल्टी सीवेज पाइपलाइन्स के कारण लगभग 42 अन्य निवासियों की मौत भी हुई थी। इसे सार्स के कारण होने वाली सबसे विनाशकारी सामुदायिक प्रकोप (community outbreak of SARS) के तौर पर जाना जाता है, जो कोरोनोवायरस के कारण ही होता है।

COVID-19 वायरस मरीजों के मल से भी फैल सकता है?

जब से कोरोना महामारी की शुरुआत हुई है, उसके बाद से ही चीन में वैज्ञानिकों ने सुझाव दिया है कि कोविड-19 रोगियों (covid-19 patient) के मल में मौजूद संक्रामक वायरस भी संचरण (corona transmission) में भूमिका निभा सकते हैं। फरवरी में हुए एक अध्ययन से पता चला था कि गुआंग्डोंग प्रांत (Guangdong province) के रहने वाले कई लोगों के मल में कोरोनावायरस (COVID-19 Virus May Spread From Stool Of Patients) पाया गया था और वे सभी कोविड​​-19 से संक्रमित थे।

Published : August 29, 2020 2:10 pm Read Disclaimer Comments - Join the Discussion भारत में दैनिक कोरोना मामले के बढ़ने की गति विश्व में हुई सबसे ज्यादा, अमेरिका, ब्राजील को भी किया पीछेभारत में दैनिक कोरोना मामले के बढ़ने की गति विश्व में हुई सबसे ज्यादा, अमेरिका, ब्राजील को भी किया पीछे भारत में दैनिक कोरोना मामले के बढ़ने की गति विश्व में हुई सबसे ज्यादा, अमेरिका, ब्राजील को भी किया पीछे 5-10% तक वजन घटाने से दूर हो सकता है डायबिटीज रोग, जानें ब्लड शुगर लेवल को सामान्य रखने के तरीके5-10% तक वजन घटाने से दूर हो सकता है डायबिटीज रोग, जानें ब्लड शुगर लेवल को सामान्य रखने के तरीके 5-10% तक वजन घटाने से दूर हो सकता है डायबिटीज रोग, जानें ब्लड शुगर लेवल को सामान्य रखने के तरीके ,,

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