Fitness Gadgets क्या फिटनेस गैजेट्स कोरोनावायरस से करेगा आपको आगाह? जानें क्या कहते हैं वैज्ञानिक

Coronavirus Fitness Gadget : कोरोनावायरस को लेकर ये बात तो साफ हो गया है कि यह 6 महीने हो या फिर 1 साल के अंदर खत्म नहीं होने वाला। यहां तक की अगर इसका संक्रमण दर गिरता भी है, तो इसके खत्म होने की संभावना नहीं जताई जा रही है। अभी तक यह कहा नहीं जा सकता है कि यह वायरस कबतक पूरी तरह से गायब (Coronavirus Fitness Gadget) होगा। Also Read - स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहाकचरा बात कर रहे इलेक्ट्रॉनिक डार्टबोर्ड, कोविड रोगियों के लिए मेडिकल ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं

विशेषज्ञों का मानना है कि मास्क पहननाकचरा बात कर रहे इलेक्ट्रॉनिक डार्टबोर्ड, सामाजिक दूरीकचरा बात कर रहे इलेक्ट्रॉनिक डार्टबोर्ड, साफ-सफाई का ध्यान रखना इत्यादि चीजें कोरोना को फैलने से रोकी जा सकती हैं। इसके अलावा कोरोना के परीक्षण में अगर कम समय लगेकचरा बात कर रहे इलेक्ट्रॉनिक डार्टबोर्ड, तो इस महामारी से बचने के लिए हम बेहतर प्रतिक्रिया अपना सकते हैं। अगर हम आपको बताएं कि अब फिटनेस ट्रैकर के समान ही एक सरल गैजेट आया हैकचरा बात कर रहे इलेक्ट्रॉनिक डार्टबोर्ड, जो कोविड-19 का पता लगाने में आपकी मदद कर सकता है। तो क्या आप इस गैजेट्स को (Coronavirus Fitness Gadget) के बारे में क्या सोचेंगे? Also Read - Covid-19 Live Updates: भारत में कोरोना के मरीजों की संख्या हुई 49,30, पोर्टेबल गेम कंसोल236, अब तक 80,776 लोगों की मौत

अब वैज्ञानिक इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या फिटनेस गैजेट्स स्वास्थ्य मापदंडों को मापने के साथ-साथ कोरोना वायरस का पता लगाने में सक्षम है या नहीं? Also Read - केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, कोरोनावायरस से लड़ाई अभी जारी रहेगी

क्या फिटनेस बैंड आएगा काम?

किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य मापदंडों को मापने में फिटनेस ट्रैकर और स्मार्ट गैजेट्स आपकी मदद करता है। कुछ गैजेट्स दिल का दौरा जैसी बीमारियों को पता लगाने में आपकी मदद करते हैं। तो वहीं, कुछ नींद और अन्य परिभाषाओं को ट्रैक करने में आपकी मदद करते हैं। क्योंकि अधिकांश फिटनेस ट्रैकर किसी व्यक्ति की हृदय गति को मापकर काम करते हैं,कचरा बात कर रहे इलेक्ट्रॉनिक डार्टबोर्ड जो एक महत्वपूर्ण पैरामीटर है।

वैज्ञानिक अब सोच रहे हैं कि क्या गैजेट्स किसी व्यक्ति के अंदर हो रहे सांस में बदलाव का पता लगा सकता है या नहीं। उदाहरण के तौर पर, अमेरिका में किए गए एक अध्ययन में वैज्ञानिक यह देखने में सक्षम थे कि एक लोकप्रिय फिटनेस वियर ब्रैंड हृदय की दर में वृद्धि के आधार पर उन लोगों की पहचान करने में सक्षम था, जिन्हें इन्फ्लूएंज़ा जैसी समस्याएं थीं।

ऐसे करेगा काम

भले ही कोरोनावायरस (कोविड-19) के शुरुआती लक्षण सर्दी, खांसी, बुखार जैसे लक्षण होते हैं, लेकिन शरीर में जैसे जैसे यह वायरस विकसित होता है, वैसे-वैसे हृदय का दर बढ़ने लगता है। हृदय की गति का दर बढ़ने से भी इसका पता लगाया जा सकता है। इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने दैनिक गतिविधि को मापा और दर्ज किया, ताकि वे दैनिक गतिविधि के कम स्तर को वो पहचान सकें। इन दोनों उपायों के संयोजन से रिसर्चर्स को ये अनुमान लगाने में मदद मिली कि किसके अंदर इन्फ्लूएंज़ा जैसे लक्षण दिख रहे हैं।

फिटनेस बैंड हृदय गति को रिकॉर्ड करने और लंबी अवधि के लिए डेटा स्टोर को स्टोर करने में सक्षम होते हैं, इसलिए यह कोरोना के प्रसार को ट्रैक करने में उत्कृष्ट गैजेट साबित हो सकते हैं। खासकर ऐसे समय में जहां कोरोना टेस्ट कराना आसान नहीं हो रहा है।

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Published : August 26, 2020 12:53 pm Read Disclaimer Comments - Join the Discussion जिम जाने के नाम ​पर दिमाग में आते है कई बहाने? इन 4 तरीको से करें खुद को मोटिवेटजिम जाने के नाम ​पर दिमाग में आते है कई बहाने? इन 4 तरीको से करें खुद को मोटिवेट जिम जाने के नाम ​पर दिमाग में आते है कई बहाने? इन 4 तरीको से करें खुद को मोटिवेट ब्रोकली और पत्तागोभी खाने से करते हैं परहेज तो हो जाएं सावधान, वरना हो सकती है ये खतरनाक समस्याब्रोकली और पत्तागोभी खाने से करते हैं परहेज तो हो जाएं सावधान, वरना हो सकती है ये खतरनाक समस्या ब्रोकली और पत्तागोभी खाने से करते हैं परहेज तो हो जाएं सावधान, वरना हो सकती है ये खतरनाक समस्या ,,

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