Covid-19 Spread फेस शील्ड और एन-95 मास्क मिलकर भी कोरोना को नहीं रोक सकते, एक्सपर्ट्स का दावा

Covid-19 Spread: कोरोनाकाल में महामारी (Coronavirus Pandemic) से बचने के लिए उचित सावधानियां बरतने की सलाह दी जा रही है, लेकिन कई बार हमारी नजरों में कई ऐसे लोग भी आते हैं, जिन्हें हम बिना मास्क लगाए सड़कों पर घूमते हुए देखते हैं और कई लोग ऐसे भी हैं जो इन्हें हर वक्त पहने रहते हैं। इस पर ही हुए एक शोध का नतीजा अब सामने आया है। भारतीय-अमेरिकी शोधकर्ताओं द्वारा किए एक शोध में यह चेताया गया कि एक्सहेलेशन वाल्व वाले मास्क के साथ फेस शील्ड पहनने के बाद भी कोरोना की चपेट में आसानी से आया जा सकता है। (covid-19-spread) Also Read - भारत की डॉ. रेड्डीज़ लैब को मिलेगी कोविड-19 वैक्सीन 'स्पुतनिक' की 10 करोड़ खुराकें, कम्पनी देश में उपलब्ध कराएगी ये टीके

क्या फेस शील्ड और मास्क हैं कोरोना के खिलाफ बेअसर?

एक्सपर्ट्स के अनुसारटाइगर स्टार युद्ध इलेक्ट्रॉनिक गांगेय लड़ाई, जब कोरोना से संक्रमित कोई व्यक्ति खांसता हैटाइगर स्टार युद्ध इलेक्ट्रॉनिक गांगेय लड़ाई, तो उसकी खांसी के साथ निकलने वाली छींटों में मौजूद वायरस फेस शील्ड की दीवारों के बीच घूमते रहते हैं। Also Read - दुनियाभर में केवल 10 प्रतिशत युवाओं को ही हुआ कोविड संक्रमणटाइगर स्टार युद्ध इलेक्ट्रॉनिक गांगेय लड़ाई, WHO ने बताया 20 वर्ष से कम उम्र वाले महामारी से अब तक सुरक्षित

फ्लोरिडा अटलांटिक यूनीवर्सिटी (एफएयू) में सीटेक के निदेशकटाइगर स्टार युद्ध इलेक्ट्रॉनिक गांगेय लड़ाई, प्राध्यापकटाइगर स्टार युद्ध इलेक्ट्रॉनिक गांगेय लड़ाई, इलेक्ट्रॉनिक टेनिस खेल डिपार्टमेंट ऑफ चेयर मनहर धनक कहते हैं, “समय के साथ ये ड्रॉपलेट्स सामने और पीछे की ओर दोनों ही दिशाओं में काफी बड़े पैमाने पर फैलते हैं, हालांकि वक्त की अधिकता के साथ इनके असर में कमजोरी आती जाती है।” Also Read - भारत में ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की कोविड वैक्सीन का ट्रायल फिर से शुरू, DCGI ने दी अनुमति

शोधपत्र के मुख्य लेखक सिद्धार्थ वर्मा रहे हैं,टाइगर स्टार युद्ध इलेक्ट्रॉनिक गांगेय लड़ाई जिनके साथ मिलकर प्रोफेसर धनक ने इसका सह-लेखन किया है। उनके इस काम में जॉन फ्रैंकफील्ड भी साथ रहे हैं, जो एफएयू के डिपार्टमेंट ऑफ ओशन एंड मेकैनिकल इंजीनियरिंग के तकनीकि विशेषज्ञ हैं।

धनक आगे कहते हैं, “हम यह देखने में समर्थ हो पाए हैं कि शील्ड की मदद से ड्रॉपलेट्स को सामने से चेहरे पर पड़ने से तो रोका जा सकता है, लेकिन हवाओं में विचरण करने वाले से ड्रॉपलेट्स शील्ड की दीवारों में पड़ने के साथ ही इधर-उधर प्रसार करते रहते हैं।”

क्या एन95 फेस मास्क कोविड को फैलने से रोक सकता है?

फिजिक्स ऑफ फ्लुइड्स एकेडेमिक जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन में एन-95 मास्क के बारे में बताया कि इसमें मौजूद एक्सहेलेशन वाल्व की मदद से बड़ी संख्या में ड्रॉपलेट्स इनमें से होकर आप तक पहुंच सकते हैं।

इस शोध के लिए रिसर्चरों ने प्रयोगशाला में एक लेजर लाइट शीट और ड्रॉपलेट्स के रूप में डिस्टिल्ड वॉटर व ग्लिसरीन का इस्तेमाल करते हुए इनके विचरण पर गौर फरमाया और पाया कि किसी के खांसने या छींकने से निकलने वाले ये ड्रॉपलेट्स सतह पर व्यापक पैमाने पर फैलते हैं।

कुल मिलाकर, ये स्पष्ट है कि फेस शील्ड और एन-95 मास्क मिलकर भी कोरोना को रोकने की दिशा में उस हद तक कारगर नहीं हैं। ऐसे में बिना वाल्व वाले आम मास्क का उपयोग वायरस से बचने के लिए किया जा सकता है।

Published : September 2, 2020 6:46 pm | Updated:September 2, 2020 6:49 pm Read Disclaimer Comments - Join the Discussion महानायक अमिताभ की नातिन से सुनाई एंग्जाइटी और थेरैपी की आपबीती, जानिएं क्या है ये समस्यामहानायक अमिताभ की नातिन से सुनाई एंग्जाइटी और थेरैपी की आपबीती, जानिएं क्या है ये समस्या महानायक अमिताभ की नातिन से सुनाई एंग्जाइटी और थेरैपी की आपबीती, जानिएं क्या है ये समस्या बिना किसी इलाज के दुनिया में पहली बार ठीक हुआ एचआईवी का मरीजबिना किसी इलाज के दुनिया में पहली बार ठीक हुआ एचआईवी का मरीज बिना किसी इलाज के दुनिया में पहली बार ठीक हुआ एचआईवी का मरीज ,,

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