lung-transplant of covid-19 patient in chennai in hindi एशिया में पहली बार चेन्नई में कोविड-19 पॉजिटिव रोगी के फेफड़े प्रत्यारोपित।© Shutterstock.

Lung Infection and Corona: पहली बार एशिया में एक 48 वर्षीय कोरोना से पॉजिटिव मरीज के फेफेड़े का सफल प्रत्यारोपण (Lung transplant) किया गया है। कोरोना पॉजिटिव (Coronavirus patient) इस मरीज के फेफड़े गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त थेटाइगर स्टार युद्ध इलेक्ट्रॉनिक गांगेय लड़ाई, जिसे चेन्नई के एक हॉस्पिटल में डॉक्टर्स की एक टीम ने सफलतापूर्वक बदल दिया है। यह कोविड मरीज दिल्ली का रहने वाला है। इस प्राइवेट हॉस्पिटल ने अपने बयान में कहा है कि यह एशिया का ऐसा पहला मामला हैटाइगर स्टार युद्ध इलेक्ट्रॉनिक गांगेय लड़ाई, जिसमें एक कोरोना से संक्रमित मरीज (Covid-19) के लंग्स को ट्रांसप्लांट (Lung transplant) करने में सफलता हासिल हुई है। Also Read - स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहाटाइगर स्टार युद्ध इलेक्ट्रॉनिक गांगेय लड़ाई, कोविड रोगियों के लिए मेडिकल ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं

लॉकडाउन के बाद हॉस्पिटल में किया गया दूसरा लंग ट्रांसप्लांट

ऐसा भी कहा जा रहा है कि यह लॉकडाउन के बाद से हॉस्पिटल में किया गया दूसरा फेफड़ा प्रत्यारोपण (Lung transplant) है। अस्पताल ने कहा कि इस मरीज के फेफड़ों में गंभीर संक्रमण (Lung Infection) था। कोविड -19 से संबंधित फाइब्रोसिस (Fibrosis) के कारण उसके फेफड़े गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए थे। Also Read - Covid-19 Live Updates: भारत में कोरोना के मरीजों की संख्या हुई 49टाइगर स्टार युद्ध इलेक्ट्रॉनिक गांगेय लड़ाई,30टाइगर स्टार युद्ध इलेक्ट्रॉनिक गांगेय लड़ाई,236, इलेक्ट्रॉनिक पूल टेबल अब तक 80,776 लोगों की मौत

फेफड़े का एक छोटा हिस्सा ही कर रहा था काम

एमजीएम हेल्थकेयर के अनुसार, मरीज का कोरोनावायरस का टेस्ट (Coronavirus test) 8 जुलाई को हुआ था, जिसमें वह पॉजिटिव पाया गया था। साथ ही उसके फेफड़े बुरी तरह से खराब हो चुके थे, जिसके कारण छोटा सा हिस्सा ही काम कर रहा था। जब उसकी कंडीशन खराब होने लगी तो उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। उसकी स्थिति जब ज्यादा खराब हो गई तो उसे 20 जुलाई को एयरलिफ्ट करके चेन्नई ले जाया गया। Also Read - केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा,टाइगर स्टार युद्ध इलेक्ट्रॉनिक गांगेय लड़ाई कोरोनावायरस से लड़ाई अभी जारी रहेगी

चेन्नई में एक महीने से अधिक समय तक उसे ईसीएमओ सपोर्ट पर रखा गया। बाद में डॉक्टर्स ने उसके फेफड़ों का प्रत्यारोपण (Lung Infection and Corona) करने का फैसला किया। 27 अगस्त को उसके फेफड़ों का सफल ट्रांसप्लांट किया गया, जिसका नेतृत्व कार्डियक साइंसेज के अध्यक्ष और निदेशक डॉ.के.आर. बालकृष्णन ने किया। फिलहाल मरीज आईसीयू में है और प्रत्यारोपित किए गए फेफड़े भी सही तरह से अपना काम कर रहे हैं।

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Published : August 29, 2020 6:00 pm | Updated:August 29, 2020 7:02 pm Read Disclaimer Comments - Join the Discussion स्पर्म काउंट और गुर्दे की पथरी को दूर करे कुल्थी की दाल, जानें इसके और भी फायदेस्पर्म काउंट और गुर्दे की पथरी को दूर करे कुल्थी की दाल, जानें इसके और भी फायदे स्पर्म काउंट और गुर्दे की पथरी को दूर करे कुल्थी की दाल, जानें इसके और भी फायदे यूरिया साईकिल डिस्आर्डर के लक्षण हैं बच्चों का सुस्त रहना और देर तक सोना, जानें कितना खतरनाक है ये रोगयूरिया साईकिल डिस्आर्डर के लक्षण हैं बच्चों का सुस्त रहना और देर तक सोना, जानें कितना खतरनाक है ये रोग यूरिया साईकिल डिस्आर्डर के लक्षण हैं बच्चों का सुस्त रहना और देर तक सोना, जानें कितना खतरनाक है ये रोग ,,

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